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आज की नारी.......

Posted On: 31 Aug, 2012 Others में

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lady

आज की नारी को सही मायने में आधुनिका कहा जा सकता है, क्योंकि उसने अपनी सभी दुर्बलताओं को दूर करके, नजरंदाज करके, अपने आप को मजबूत करने की पुरजोर कोशिश की है, और इसमें वो पूरी तरह से कामयाब भी हुई है, उसने अपनी एक विशेष पहचान समाज के सामने पेश की है, जिसमें वह साहसी, परिपक्व, सहिष्णु तथा एक मज़बूत इरादे वाली महिला के रूप में उभर कर समाज में पेश हुई है, आज की नारी को अगर ‘सुपर वुमन’ भी कहा जाये तो गलत नहीं होगा, क्योंकि आज समाज का कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं जिसमें प्रतिस्पर्धा न हो, लेकिन इसका दबदबा देखने लायक है, समाज के लगभग हर क्षेत्र में ये पुरुषों से कहीं बढकर चुनोतियाँ पेश कर रही है….
देखें कैसे…..
आज की नारी अपने दोहरे रूप को भी पूर्ण सफलता के साथ निभा रही है.एक तरफ कैरिअर वुमन का ख़िताब हासिल किये हुए है, तो दूसरी तरफ, होममेकर का ख़िताब तो इसकी झोली में है ही.
आज की नारी ने अपनी संकीर्ण विचारधारा को त्याग कर अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा कर लिया है. वह पति के ऑफिस की समस्याओं को न केवल भली प्रकार समझती है. बल्कि उस समस्या को दूर करने में पति का हर संभव साथ भी देती है.
आज की नारी ने अपने, शारीरिक गठन और बनाव-सिंगार पर समुचित ध्यान दिया है, ताकि वो ताउम्र स्वस्थ और सुंदर रहने के साथ-साथ अपने पिया की भी प्रिया बनी रहे. और दूसरी तरफ पति भी अपनी आधुनिका पत्नी के सुंदर, सुघड़, पढ़ी-लिखी, व्यवहारकुशल और स्वाभिमानी स्वरूप का आदर करने लगे हैं.
आज की नारी यह भली प्रकार जानती है कि आज के प्रगतिशील पति को केवल खाना बनाने वाली, पैर छूने वाली, घूँघट में छुपी हुई पत्नी की नहीं, अपितु उच्च मानसिकता, बौद्धिक तथा सामाजिक स्तर वाली पत्नी की आवश्कयता है.
आज की नारी ने न केवल एक खुशनुमा और समझदार पत्नी का तमगा हासिल कर लिया है, बल्कि वह दाम्पत्य को अपने प्यार के बल पर मजबूत करने का प्रयास करती है, और काफी हद तक इसमें सफल भी हुई है.
आज की नारी में, उसके व्यवहार, बोलचाल, में आश्चर्यजनक परिवर्तन आये हैं. उसकी उपलब्धियां भी बड़ीं हैं, नए-नए विषयों को जानने का उत्साह भी बढ़ा है. अब वह किसी भी समसामयिक विषय पर अपने पति के साथ-साथ किसी बाहरी व्यक्ति के साथ भी सफलतापूर्वक सलाह-मशवरा कर सकती है, इस से न केवल पति बल्कि और लोगों की नज़रों में भी इनका मान कई गुना बढ़ गया है. (इस मंच को ही देख लीजिये, कितना उत्साह है, महिला ब्लोगर्स में, दिन दुगुनी और रात चौगुनी रफ़्तार से आगे बढ़ रही हैं.)
आज की नारी, ऐसे पति को तो पसंद करती है, जो संवेदनशील हो, लेकिन जो हमेशा मुंह लटका कर रखते हों या अति भावुक हों, वो इसे पसंद नहीं आते, भावुकता और प्यार के अंतर को भली प्रकार समझ लिया है, इसने, अब कोई भी पुरुष प्यार के नाम पर इसे मूर्ख नहीं बना सकता.
आज की नारी, अपने विचार, अपनी समस्याएं, अपने राज़ पहले की तरह किसी के सामने बखान नहीं करती. वह इस बात को भली भांति जानती है, कि जो पति-पत्नी एक-दुसरे को, अच्छा, विश्वसनीये, प्यार करने वाला, एक-दुसरे के प्रति सम्मान की भावना तथा एक-दुसरे के प्रति एक सोफ्ट-कॉर्नर रखते हैं, वही सफल दाम्पत्य को निभा पाते हैं.
आज की नारी ने अपने व्यक्तित्व को उच्च शिक्षा, फैशन, सौन्दर्य प्रसाधनों और योग आदि की सहायता से काफी प्रभावी बना लिया है, यहाँ कहने में कोई गुरेज़ नहीं कि एक ‘स्पेशल वुमन’ की छवि को हासिल कर चुकी है आज की नारी.
आज की कामकाजी नारी, को उसका बॉस आर्थिक उदारता, अथवा आर्थिक चकाचौंध का लालच दिखा कर जरा भी असंयत तथा असंतुलित नहीं कर सकता.
आज की नारी, जीवन के प्रति एक सकारात्मक रवैया अपना कर अपने और परिवार के जीवन को अधिक खुशहाल बना रही है. आज की नारी को अपनी सफलता का श्रेय लेना भली प्रकार आता है. आज की नारी अपनी पुरानी ‘अबला’ की छवि से निकल कर एक ‘सबला’ के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो चुकी है. प्रगति का ऐसा कोई ही शिखर बचा होगा, जहाँ आज की नारी न पहुंची हो.
इसलिए, आइये, हम इसका नमन करें……..
और जरा सोचें……….



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55 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Tamika Mcbean के द्वारा
March 23, 2017

Hi Keith, The most definitive symptom is it smoked when the fire was dying down. That means there is likely to be negative pressure in the room. With an active fire, the force of the hotter air rising defeats the negative pressure, but when the fire dies down the heat is so little the air flow reverses. The blowing could be wind adding smoke at opportune times.

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
September 8, 2012

विक्रम भाई नारी महिमा बड़ी अच्छी रही …शुभ कामनाएं नारियों को …लेकिन अभी कुछ दिन भारतीय संस्कृति बचाए रखें तो आनंद और आये .. जय यहाँ वहां ये मुंह पर कपडा बाँध पुलिस की गिरफ्त में हो चेहरा छुपती हैं तो बड़ा दुःख होता है कोई सबक नहीं ले रहा अगली बार के लिए भ्रमर ५

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 8, 2012

    आदरणीय शुक्ल जी…..सादर…. बहुत दिनों बाद आपका आना सुखद रहा….. आप ने सही कहा……लेकिन अपवाद तो हर क्षेत्र में होते हैं……तो ये अछूता कैसे रह सकता है……??? आप का हार्दिक धन्यवाद…..

Himanshu Nirbhay के द्वारा
September 7, 2012

विक्रम जी, महिलाओं के दशा/दिशा पर बखूबी रौशनी डाली है…अभी भी सुधार की बहुत गुंजाईश है, खासकर छोटे शहरों व गाँव में…

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 7, 2012

    आपका कहना सत्य है……हिमांशु जी…. प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए हार्दिक आभार…..

yamunapathak के द्वारा
September 6, 2012

विक्रम जी व्यस्तता की वज़ह से यह लेख पढ़ नहीं पायी थी,बहुत सुन्दर ढंग से आपने नारी में समय के अनुसार बदलाव को मंच पर रखा है. आभार

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 7, 2012

    आदरणीया यमुना जी…… आपका हार्दिक स्वागत…..और हार्दिक धन्यवाद भी…… सादर……

jlsingh के द्वारा
September 6, 2012

आज की कामकाजी नारी, को उसका बॉस आर्थिक उदारता, अथवा आर्थिक चकाचौंध का लालच दिखा कर जरा भी असंयत तथा असंतुलित नहीं कर सकता. आज की नारी, जीवन के प्रति एक सकारात्मक रवैया अपना कर अपने और परिवार के जीवन को अधिक खुशहाल बना रही है. आज की नारी को अपनी सफलता का श्रेय लेना भली प्रकार आता है. आज की नारी अपनी पुरानी ‘अबला’ की छवि से निकल कर एक ‘सबला’ के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो चुकी है. प्रगति का ऐसा कोई ही शिखर बचा होगा, जहाँ आज की नारी न पहुंची हो. बिलकुल ही सही फ़रमाया है आपने !

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 6, 2012

    आदरणीय जवाहर जी……सादर….. वाह.!! प्रभु…..वाह.!!!…….आप आये बहार आई……/// दिल की अनंत गहराइयों से आप का हार्दिक अभिनन्दन…….

aman kumar के द्वारा
September 6, 2012

हां आप ठीक कहे रहे है | नारी को अब मनुष्य का दर्जा दिया गया है पर ये तस्वीर मट्रो सहरो की है जनाब ! गाव और पिछड़े इलाकों में बड़ी बुरी हालत है |

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 6, 2012

    आदरणीय अमन जी….. शायद आप ठीक कह रहे हैं…….लेकिन इन सबके पीछे जिम्मेवार कौन है….??? खुद नारी ही…….शायद……या कुछ और….. क्या हम ने सही कहा……???

Punita Jain के द्वारा
September 4, 2012

आदरणीय विक्रमजीत जी, महिलाओं के प्रति आपके विचार सराहनीय और स्वागत योग्य हैं | आपके इन विचारों की जितनी प्रशंसा की जाये कम है |

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 5, 2012

    आदरणीया पुनीता जी…..सादर…. आपका हार्दिक स्वागत और धन्यवाद भी………

yogi sarswat के द्वारा
September 3, 2012

बहुत रिसर्च किया है विक्रमजीत सिंह जी ! किन्तु ये रिसर्च बहुत सटीक और सार्थक है ! आपने महिला और पुरुष दोनो के गुण दोष बताये ! बढ़िया लगा

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 3, 2012

    प्रिय योगी जी….नमस्कार….. आपने सटीक अवलोकन किया है…….ह्रदय से आभार……..

    Kaylin के द्वारा
    October 17, 2016

    Non seulement les politiques ne verront pas leurs pharamineux salaires diminuer mais on crée de plus en plus de postes inutiles dans les conseils généraux, les communautés de commune, les conseillers teu;tioriarx&#8230r(il y en a tellement qu’on ne sait plus quoi), il faut dire que beaucoup sont les familles ou amis de…Bref : beaucoup de postes bien payés…à ne rien faire !!! Le contribuable peut payer….!!!

rajni के द्वारा
September 3, 2012

आपके विचारों को दिल की गहराइयों से सलाम

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 3, 2012

    रजनी जी……आप का हार्दिक आभार…..

Santosh Kumar के द्वारा
September 2, 2012

विक्रम भाई ,.सादर नमस्कार बहुत ही अच्छा लेख ,..मेरा भी नमन स्वीकारें ,..पाँचों उँगलियाँ बराबर नहीं होती अच्छे बुरे हमेशा थे और रहेंगे ,..नारी ने अधिकार प्राप्त किया है ,.सुरक्षा और सम्मान के मामले में कहीं चूक है ,..लेकिन समग्र रूप से स्थिति वही है जो आपने दिखाया है ,..हार्दिक साधुवाद और शुभकामनाएं

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 3, 2012

    संतोष भाई…..सादर नमस्कार….. आपका कहना सत्य है….बंधू…… हार्दिक धन्यवाद……

chaatak के द्वारा
September 2, 2012

स्नेही विक्रमजीत जी, सादर अभिवादन, आपकी राय से इत्तेफाक रखते हुए मैं इतना जोड़ना चाहूँगा कि आज की नारी में यदि उपरोक्त गुण हैं तो सिर्फ हिन्दुस्तानी नारी में हैं अन्य किसी नारी में नहीं इसलिए मेरा अभिवादन सिर्फ उनके लिए शेष अपने को भारतीय नारी-सम बनाने की कोशिश करें| हार्दिक बधाई!

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 3, 2012

    आदरनी चातक जी…….सादर नमस्कार…… बिलकुल सही कहा आपने….इसमें कोई दो-राय नहीं….. हार्दिक धन्यवाद……

manoranjanthakur के द्वारा
September 2, 2012

मेरा विशेष प्रणाम मात्री सक्ति को कारण मुझे तो नारी विरोध का स्वरुप मान लिया गया है आदरणीया दिव्या जी ने जो सनेह दिया है उसके बाद और महिला ब्लोगर साथियों को मेरा विशेष नमन कोई विरोध की बात मेरे मन या लेखनी में नहीं है फिलहाल श्री सिंह जी आपको बहुत बधाई

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीय मनोरंजन जी……सादर….. आप अन्यथा ना लें…..उनका अभिप्राय ये नहीं था….. अपवाद समाज में कहाँ नहीं होते……./// पाँचों उगलियाँ कभी बराबर नहीं होतीं……आप जानते हैं…… आपका हार्दिक धन्यवाद…..

akraktale के द्वारा
September 2, 2012

भाई विक्रमजीत जी                  सादर, आपने तो नारी को सुपर वुमेन बना ही दिया है किन्तु पुरुषों के बारे में नहीं लिखा जो उसकी राह में लगातार बाधाएं खड़ी करने में ही अपनी सफलता देख रहा है.सच है नारी की सफलता का सफ़र अद्भुत है और उसमे पुरुषों का सहयोग भी सराहनीय है. किन्तु कुछ कुटिल मानसिकता के लोगों के कारण सारा समाज बार बार बदनामी के दंश को झेलता है और पुनः पुनः विचार करने को मजबूर होता है. 

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीय अशोक जी….सादर….. इसमें कोई शक नहीं……नारी ने हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़े हैं……लेकिन पुरुषों की मदद के बिना इस सफलता का स्वाद चख पाना मुमकिन नहीं था…../ जल्दी ही एक ऐसा भी आलेख लेकर आ रहे हैं…..बस थोडा इंतज़ार कीजिये……. हार्दिक धन्यवाद……..

Chandan rai के द्वारा
September 2, 2012

vikram ji , एक बेहतरीन लेख के लिए हार्दिक अभिनन्दन स्वीकारे आपकी इस पवित्र भावना को मेरा नमन !

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    प्रिय चन्दन जी…..आपका हार्दिक धन्यवाद……..

bharodiya के द्वारा
September 1, 2012

विक्रमभाई नमस्कार आप का लेख अच्छा है । नारी के बारेमें जो बताया वो तो एक दिन होना ही था । लेकिन अभी उच्च मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग के कुछ लोगों मे हुआ है । बाकी लोगों में अभी नर ही पिछे रह गये हैं तो नारी की क्या बात करना । ठीक होनेमें थोडी देर लगेगी । बधाई है आप को । चित्र यही होना चाहिए जैसा आपने वर्णन किया है ।

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीय भरोदिया जी…..सादर नमस्कार….. आपकी बातों में सच्चाई है…… हार्दिक धन्यवाद…..

Madhur Bhardwaj के द्वारा
September 1, 2012

विक्रम जीत जी सादर नमस्कार, नारी के सकारात्मक रूप को उजागर करते हुए उत्तम लेख के लिए आपको हार्दिक बधाई! ” नारी ही दुर्गा है, नारी ही शक्ति, नारी ही काली है, नारी ही जननी है, नारी ही सबको तारने वाली है, नारी ही माता है, नारी ही बहिन है, नारी ही पत्नी है! नारी से जुड़ता है हर नाता, नारी एक है मगर रूप अनेक हैं, मेरे ब्लॉग “सच तो यही है जनाब” पर आप सादर आमंत्रित हैं! मधुर भारद्वाज http://madhurbhardwaj.jagranjunction.com

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीय मधुर जी….सादर…… आपके ब्लॉग पर हो आये हैं…….अच्छा लिखते हैं आप….. ब्लॉग पर आने और साकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए हार्दिक आभार…..

D33P के द्वारा
September 1, 2012

नमस्कार विक्रम जीत जी ,चलो कोई तो मिला जो महिलाओ की तारीफ करे वर्ना मनोरंजन ठाकुर जी का ब्लॉग ” मिस्ड कॉल मारो ना” पड़कर मन त्रस्त हो गया !आपकी इस तारीफ में हम खुशवंत जी द्वारा महिलाओ की तारीफ में कसे गए चंद कसीदे जोड़ देते है – महिलाओं की तारीफ में : हम महिलाओं को जो कुछ देते हैं उसके बदले में वे हमें उससे ज्यादा ही लौटाती हैं यदि आप उन्हें प्यार दें तो वे आपको संतान देती हैं यदि आप उन्हें मकान दें तो वे आपको घर देती हैं यदि आप उन्हें अनाज दें तो वे आपको भोजन देती हैं यदि आप उन्हें मुस्कराहट दें तो वे आपको अपना दिल दे देती हैं हम उन्हें जो कुछ भी दें बदले में वे हमें कुछ ज्यादा ही लौटाती हैं इसलिए यदि हम उन्हें कोई छोटी-मोटी तकलीफ दें तो हमें एक बहुत बड़ी मुसीबत के लिए तैयार रहना चाहिए। Source: खुशवंत सिंह(सौजन्य : कर्नल विनय नरूला, नई दिल्ली)

    अजय यादव के द्वारा
    September 1, 2012

    आदरणीय सर जी,और दीप्ती मैम सादर प्रणाम | बहुत ही सुंदर लेखन आदरणीया दीप्ती जी से सहमत |बहुत सुंदर कविता शेयर करने के लिए आभार |मेरे ब्लॉग पर आप दोनों को सादर आमंत्रण हैं|

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीया दीप्ति जी……सादर….. आपके लिखे हुए चंद कसीदे इस रचना को चार चाँद लगा गए…… पूर्णतया सहमती……. आपका हार्दिक धन्यवाद……

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    अजय जी…..सादर….. आपके ब्लॉग पर अवश्य आयेंगे…… ब्लॉग पर आने और प्रतिक्रिया देने के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद……

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
September 1, 2012

aap ne bilkul sahee kaha , aaj kee naree abla nheen sabka ho chukee hai | sahee vishay par sahee aaklan ke liye badhai !! sabhivadan !!

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीय विजय जी…..आप का हार्दिक धन्यवाद……

MAHIMA SHREE के द्वारा
September 1, 2012

नमस्कार विक्रम जी .. बहुत दिनों बाद जागरण पे आई और आपके आलेख को पढने का सौभाग्य मिला .. मन प्रसन्न हो गया .. आज की नारी के उज्जवल पछ को आपने बखूबी ब्यान किया है … आधुनिक नारी का सकरात्मक और सार्थक चित्रण के लिए आपको बहुत -२ धन्यवाद और बहुत साड़ी बधाई आपको

    MAHIMA SHREE के द्वारा
    September 1, 2012

    सारी पढ़े

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीया महिमा जी……सादर…. बहुत दिनों बाद आपका आगमन सुखद रहा……हमारा सौभाग्य है जो आप हमारे ब्लॉग पर आये…. आपका हार्दिक धन्यवाद…….

    Elly के द्वारा
    October 17, 2016

    Topogun, fuffa fino ad un certo punto. Per il natale Nintendo ha (oltre a Wii Fit Plus) New Super Mario Bros. Wii che, può piacervi o non piacervi, ma sarvegra&a; uno dei titoli di questo natale.

nishamittal के द्वारा
September 1, 2012

नारी पर आपको सकारात्मक शोध बहुत पसंद आया विक्रम जी.

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीया मातेश्वरी……सादर धन्यवाद……

rajpalsingh के द्वारा
September 1, 2012

vikram veer jee, aurat to sada hi mahaan rahi hai,

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    राजपाल सिंह जी…. हमारे धर्म (सिख धर्म) में तो इसका स्थान और भी ऊंचा है…. तो आइये इस का नमन करें…..

dineshaastik के द्वारा
September 1, 2012

विक्रम जी आपके विचारों से सहमत…….

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीय दिनेश जी…सहमती के लिए हार्दिक धन्यवाद…..

rajni के द्वारा
September 1, 2012

अच्छे विचार,

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    रजनी……आप का हार्दिक धन्यवाद……

seemakanwal के द्वारा
August 31, 2012

आदरणीय विक्रम जी आज की नारी चाहे वह जिस क्षेर्त्र में हो अपनी जिम्मेंदारी बखूबी निभा रही है . सुन्दर लेख .हार्दिक आभार

    vikramjitsingh के द्वारा
    September 2, 2012

    आदरणीया सीमा जी…..सादर…… आप का कहना सत्य है…… हार्दिक आभार…..

pitamberthakwani के द्वारा
August 31, 2012

भाई व्करम जी, आपका चिंतन और व्शालेषण उत्तम दर्जे का है मेरी नजर में आपको साधुवाद!

    vikramjitsingh के द्वारा
    August 31, 2012

    आदरणीय पीताम्बर जी…..सादर….. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद…….


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